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औरंगाबाद में बड़ा हादसा, बच्चों से भरी स्कूल वैन सूखी नहर में गिरी, 20 बच्चे घायल

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औरंगाबाद के अंबा में संत जेवियर स्कूल की बच्चों से भरी वैन सूखी नहर में गिर गई। हादसे में 20 बच्चे घायल हुए हैं, जिनमें तीन की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

औरंगाबाद/आलम की खबर:बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जहां स्कूली बच्चों से भरी एक निजी स्कूल वैन अनियंत्रित होकर सूखी नहर में जा गिरी। हादसा अंबा थाना क्षेत्र के तमसी मोड़ के पास हुआ। दुर्घटना के समय वैन में संत जेवियर स्कूल के करीब 20 बच्चे सवार थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में सभी बच्चे घायल हुए हैं, जबकि तीन बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। वैन चालक भी इस हादसे में घायल हुआ है।

जानकारी के अनुसार, सुबह के समय स्कूल वैन बच्चों को लेकर विद्यालय की ओर जा रही थी। इसी दौरान तमसी मोड़ के पास अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया। बताया जा रहा है कि सड़क पर मौजूद पुल की रेलिंग से बचने के प्रयास में चालक ने वैन को मोड़ने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान वाहन असंतुलित होकर सड़क किनारे चली गई और करीब 18 से 20 फीट गहरी सूखी नहर में जा गिरी।

अचानक हुए इस हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। वैन के नहर में गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और वैन के अंदर फंसे बच्चों को बाहर निकालने में जुट गए। ग्रामीणों की तत्परता के कारण सभी बच्चों और चालक को समय रहते बाहर निकाल लिया गया।

हादसे के बाद कई बच्चे डर और दर्द के कारण रोते हुए नजर आए। कुछ बच्चों को चोटें लगी थीं और वे काफी परेशान थे। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। ग्रामीणों की सक्रियता के कारण बड़ी अनहोनी टल गई।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। घायल बच्चों को तुरंत इलाज के लिए रेफरल अस्पताल, कुटुंबा भेजा गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने बच्चों का इलाज शुरू किया। चिकित्सकों ने बताया कि कई बच्चों को सामान्य चोटें आई हैं, लेकिन तीन बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के परिजन भी अस्पताल पहुंचने लगे। अपने बच्चों को घायल हालत में देखकर परिजनों में चिंता का माहौल बन गया। अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज की व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।

इधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कुटुंबा थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कूल वैन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में वाहन का संतुलन बिगड़ना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह भी अस्पताल पहुंचे और घायल बच्चों का हाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से बच्चों के इलाज की जानकारी ली और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने घायल बच्चों के परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया।

इस हादसे के बाद एक बार फिर निजी स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों को ले जाने वाले स्कूल वाहनों की नियमित जांच जरूरी है। कई जगहों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें सामने आती रहती हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी निजी स्कूल वाहनों की फिटनेस, चालक की योग्यता और सुरक्षा नियमों की जांच नियमित रूप से कराई जाए। स्कूल प्रबंधन को भी बच्चों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता देनी चाहिए।

फिलहाल घायल बच्चों का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। राहत की बात यह है कि इतने गंभीर हादसे के बावजूद किसी बच्चे की मौत नहीं हुई। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर स्कूल परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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• बच्चों की सुरक्षा और स्कूल व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें

स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा हर परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। औरंगाबाद में हुआ स्कूल वैन हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी जरूरी है।

स्कूल वाहन केवल बच्चों को पहुंचाने का साधन नहीं होते, बल्कि उनमें बैठे बच्चों की जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। इसलिए वाहन की स्थिति, चालक की सावधानी और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है।

प्रशासन को समय-समय पर स्कूल वाहनों की जांच करनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। वहीं स्कूल प्रबंधन को भी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

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